विश्व हिन्दी साहित्य
साहित्यिक -सांस्कृतिक ई पत्रिका
Wednesday, 25 March 2026
अरमान के शेर
मैने सर झुकाया, तुझे इल्म नहीं
जा तू पत्थर हो जा, परवाह नहीं।
अरमान
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मैने सर झुकाया, तुझे इल्म नहीं जा तू पत्थर हो जा, परवाह नहीं। अरमान
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