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Friday, 20 September 2019

पान पर शेर

पान पर शेर

प्रेम में आह वो पान का कुचला जाना
लाली होठ पर आई तो मगर कुर्बान होकर

अरमान

Tuesday, 8 August 2017

मेरे शेर अरमान

बस्तियां दिल की तन्हा बसर नहीं होती
मुहब्बत कभी अकेले असर नही होती

Sunday, 27 November 2016

अरमान के शेर

1 और ऊँची उठा बुतें दीवारें मजलूमों की चीखें
मैं कलम हूँ लिख के जाऊंगा तू कुछ भी नहीं था
©अरमान

2.अगर नींद आ जाये तो सो भी लिया करो
रात भर जागने से मुहब्बत लौटा नहीं करती
अरमान

3.अता कर मेरे इश्क को वो जुनूँ मौला
वो हाथ उठाये मेरी कब्र की मिट्टी उड़े
©अरमान

4.वो रात भर बस जागती है कि  मुझे देख सके चैन से
और मैं परेशां हूँ उसकी बेचैनी देख कर

Sunday, 14 April 2013

मेरे शेर

1.मेरी आवारगी ने मुझको दीवाना बना दिया
    मैं तेरा न हुआ तो मैं मेरा भी ना हुआ।

2.हमें भी कुछ ऐसे जंग की है आरजू
    आमना सामना भी हो और दरम्याँ कुछ भी ना हो।

3.खिड़की खोलते ही आँखें पथरा गयीं
    शायद जंगले के उस पार किसी का चेहरा सूना हो गया होगा

4.याद आती है जिंदादिली उस बचपने की
जवान करके शायद किसी ने अधमरा सा कर दिया

5. तेरे हर सवाल का जवाब कोरा कागज है अरमान
      मेरे इश्क की किताब हर्फों की मोहताज नहीं ....

6.
मेरे गाँव की एक नदी जो मेरे प्यार में प्यासी बैठी है
उसी के किनारों पे कहीं मेरी उदासी बैठी है। अरमान

7.गर नींद आ जाये तो सो भी लोया करो
रात भर जागने से मुहब्बत लौटा नहीं करती...

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सर गणेश दत्त