Tuesday, 11 February 2025

कविता वो खुश नहीं है - अरमान आनंद

वो खुश नहीं है
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उसने कहा है वो खुश नहीं है

ब्याह के बाद प्रेमी से हुई पहली मुलाकात में
उदास चेहरे के साथ
मिली
किसी बाज़ार में
उसने छूटते ही कहा
कि वो खुश नहीं है

प्रेमी प्रेमिका के ब्याह के बाद कई रातों से जगा हुआ
बुखार में तपता
उजाड़ चेहरे के साथ मिला

अब प्रेमी पहले से ठीक है
चेहरे पर रौनक लौट आई है
मन शांत है
ये जानकर
कि वो खुश नहीं है

वो लौट गई
वापस ससुराल
सास ससुर को आदर
देवर को दुलार
पति को खूब करके प्यार
प्रेमी को देकर सांत्वना
सोएगी
नींद भर

प्रेमी
उचाट मन से रात भर देखता रहा छत
सोचता रहा
होता हुआ
कभी खुश कभी उदास
वो खुश नहीं है

अरमान आनंद

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