साहित्यिक -सांस्कृतिक ई पत्रिका
सच समय के उस पार राम ने मार दिया रावण को और कृष्ण ने कंस को
सच से बिलकुल दूर हम रटते और दुहराते रहे नायकों के इंतज़ार का सूनापन
मन्त्रों और मनगढंत उम्मीदों के बीच पुष्ट करते रहे अपनी भीतर के राक्षस का सीना
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