किसी को जाते हुए देखना भी खूबसूरत हो सकता है
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देखो
दुःख दूर जा रहा है
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जाना
हमेशा खौफनाक क्रिया नहीं होती
अरमान
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अरमान के शेर
मैने सर झुकाया, तुझे इल्म नहीं जा तू पत्थर हो जा, परवाह नहीं। अरमान
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कुँवर नारायण की आत्मजयी को प्रकाशित हुए पचास साल से ज्यादा हो चुके हैं। इन पचास सालों में कुँवर जी ने कई महत्त्वपूर्ण कृतियों से भारतीय भा...
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