इस दुनिया में SATISFACTION से महत्वपूर्ण चीज़ कुछ नहीं हुई। इसका सीधा संबंध आनंद, परितोष और मुक्ति से हैं। साहित्यकार बनने के लिए यह पहली शर्त है । साहित्यकार अपनी रचना से कितनों को किन्हें और कैसे satisfy कर पाते हैं । उनके वर्गीकरण और आलोचना का इससे महत्वपूर्ण पैमाना नहं हो सकता।
अरमान
Monday, 20 February 2017
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
कविता वो खुश नहीं है - अरमान आनंद
वो खुश नहीं है ---------------------- उसने कहा है वो खुश नहीं है ब्याह के बाद प्रेमी से हुई पहली मुलाकात में उदास चेहरे के साथ मिली किसी बाज़...
-
कुँवर नारायण की आत्मजयी को प्रकाशित हुए पचास साल से ज्यादा हो चुके हैं। इन पचास सालों में कुँवर जी ने कई महत्त्वपूर्ण कृतियों से भारतीय भा...
-
सत्ता और साहित्य सत्ता, वर्चस्व और प्रतिरोध के समेकित अन्तः क्रियाओं का नाम है| मानवीय सभ्यता की शुरुआत से ही सत्ता मनोवृति के र...
No comments:
Post a Comment