कभी कभी मुझे लगता है
मेरे लगने से क्या होता है?
कभी कभी मेरा दिल चाहता है
मेरे चाहने से क्या होता है?
कभी तुझको भी लगे
कभी तेरा भी दिल चाहे
तो बताना जरुर
ना बताने से जिन्दगी अफ़सोस बनके रह जाती है
-अरमान
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
कविता वो खुश नहीं है - अरमान आनंद
वो खुश नहीं है ---------------------- उसने कहा है वो खुश नहीं है ब्याह के बाद प्रेमी से हुई पहली मुलाकात में उदास चेहरे के साथ मिली किसी बाज़...
-
धान रोपती हुई औरतों पर कविताएँ 1 धान रोपती स्त्री - विश्वनाथ प्रसाद तिवारी --------------------------------------...
-
कुँवर नारायण की आत्मजयी को प्रकाशित हुए पचास साल से ज्यादा हो चुके हैं। इन पचास सालों में कुँवर जी ने कई महत्त्वपूर्ण कृतियों से भारतीय भा...
No comments:
Post a Comment