साहित्यिक -सांस्कृतिक ई पत्रिका
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न्याय और अन्याय में ' अ ' नही आकाश भर का फर्क है। -
अरमान
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मैने सर झुकाया, तुझे इल्म नहीं जा तू पत्थर हो जा, परवाह नहीं। अरमान
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