ये जो सुलगती सिगरेट को
मशाल की तरह उठाये हुए
है जो शख्स
जिंदगी को धुएं में उड़ाए हुए
खेत में खुशियाँ उगाने
हेंगा चला कर आया है
रंजो गम ने पूछा पता
ठेंगा बता आया है
सभ्यता जिसके शहर में बदनाम है
अनिल यादव उसका नाम है
वो खुश नहीं है ---------------------- उसने कहा है वो खुश नहीं है ब्याह के बाद प्रेमी से हुई पहली मुलाकात में उदास चेहरे के साथ मिली किसी बाज़...
No comments:
Post a Comment