Sunday, 16 September 2018

वे डरते हैं/गोरख पाण्डेय

वे डरते हैं/गोरख पाण्डेय

किस चीज़ से डरते हैं वे

तमाम धन-दौलत

गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद ?

वे डरते हैं

कि एक दिन

निहत्थे और ग़रीब लोग

उनसे डरना

बंद कर देंगे ।

(रचनाकाल:1979)

-गोरख पाण्डेय

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