Saturday, 2 June 2018

अंगिका भाषा मा कैलाश झा किंकर के हाइकु

अंगिका
हाइकु

1
ढूँढ़ै पति में
अनुपम व्यक्तित्व
सब्भे औरत।

2
अप्पन दोष
नज़र नै आबै छै
विचित्र बात ।

3
मौका मिलतें
बदलै छै आदमी
टपकै लार ।

4
दोस्ती के हाथ
हजार के हजार
तैय्यो कंगाल ।

5
कवि के हाल
के पूछै ले बैठल
मरो कि जीओ।

6
स्याही के क्रांति
अहिंसक लड़ाय
एक्के उपाय ।

-कैलाश झा किंकर

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