(जुर्माना)
तुम मुझे
जब गौर से देखोगे
मेरे होठों पर मिलेंगे
मेरे माशूका के दांत
मेरी पीठ पर मेरी बीबी के नाख़ून
झुके हुए कन्धों पर टंगा हुआ दफ्तर
मेरी ऊँगली क काले धब्बों पर
चुनी हुई सरकार
और नीचे से
ठोंक दिया गया है मेरा संस्कार
मैं
हर रोज
आदमी होने का
जुर्माना भरता हूँ।
********अरमान*********
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