साहित्यिक -सांस्कृतिक ई पत्रिका
अगर तुम
मुझ पर पुरुषवादी होने का संदेह ना करो
तो सच कहता हूँ
मुझे
बहुत अच्छी लगती हैं
तुम्हारी
आंसुओं भरी आँखें
*******अरमान********
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