Tuesday, 3 October 2017

भीड़

फेसबुक पर वही भीड़ है जो ट्रेन पर थी

हम कातिल भी हैं
हमीं शिकार भी

कोई है
जो दूर बैठा हमें चाकू थमाता है
फिर छीन लेता है

एक और है
जो अफवाह है
वह दूर बैठा यह सब देख रहा है

ये
सारे साजिशें
उसी अफवाह का नाम लेकर की जा रही हैं।

अरमान

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