Friday, 6 October 2017

नयी पार्टी - शशि कुमार सिंह

नयी पार्टी

''हाफिज़ भाईजान आपको नयी पार्टी बनाने की जरूरत क्यों आन पड़ी?और उसका एजेंडा क्या होगा?''
''तफसील से बताता हूँ.सब्र रखो.देखो हिंदुस्तान में हमारी पार्टी की एक शाखा थी.''
''हिंदुस्तान में?''
''हाँ हाँ.हिंदुस्तान में.''
''तो हमारी पार्टी की शाखा बिहार में थी.याद करो.''
''जी याद नहीं आता.''
''तुम भी देशद्रोही हो.तुम्हें याद नहीं आएगा.''
''बिहार में किसके जीतने पर हमारे मुल्क में पटाखे फूटे थे?''
''जी जदयू जनाब........ओहोहोहो हो.अब समझा, मगर उसे तो हिंदुस्तान की सबसे बड़ी देशभक्त पार्टी ने अपने में मिला लिया?''
''इसीलिए तो हमें नयी पार्टी बनानी पड़ी.''
''ज़नाब हिंदुस्तान में इसकी शाखा?''
'वह तो वहाँ के देशभक्त लोग हर पार्टी में मेरी पार्टी की शाखा खोज लेंगे.और बी.जे.पी.के साथ गठबंधन करके हम कश्मीर में चुनाव भी लड़ेंगे.''
''बी.जे.पी.से गठबंधन?''
''क्यों पी.डी.पी.के साथ गठबंधन हो सकता है तो हमारी पार्टी से क्यों नहीं.''
''आमीन.''
''शुक्रिया.''

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