हिन्दू हेल्प लाइन
''नमस्कार मैं प्रवीण भाई तोगड़िया हिन्दू हेल्प लाइन से.कहिये मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ.''
''सर मेरी कुछ मदद कीजिये सर.सर मेरे घर में खाने के लिए एक भी दाना नहीं है सर .सर मेरा घर बाढ़ में पूरी तरह तबाह हो गया सर .सर खेती भी नष्ट हो गयी सर .सर अब मेरे पास सिर्फ आत्मह्त्या का ही विकल्प है सर .मेरी कुछ मदद कीजिए सर.मैं हिन्दू हूँ सर.''
''तुम्हारे घर में कितने सदस्य हैं?''
''सर पूरा परिवार मिलाकर हम लोग बीस हैं सर.''
''परिजनों की संख्या और बढ़ाओ.मुझे तुम जैसे हिन्दुओं पर गर्व है लेकिन तुम्हें आत्मह्त्या करनी है, या जो करना हो, करो. तुम्हारी मर्जी.मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता.जल्दी फोन रक्खो.पाकिस्तान से एक हिन्दू भाई का फोन आ रहा है.खबर मिली है कि वहां उन पर काफी अत्याचार हो रहा है.''
Thursday, 5 October 2017
हिन्दू हेल्प लाइन- शशि कुमार सिंह
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured post
अरमान के शेर
मैने सर झुकाया, तुझे इल्म नहीं जा तू पत्थर हो जा, परवाह नहीं। अरमान
-
सत्ता और साहित्य सत्ता, वर्चस्व और प्रतिरोध के समेकित अन्तः क्रियाओं का नाम है| मानवीय सभ्यता की शुरुआत से ही सत्ता मनोवृति के र...
-
धान रोपती हुई औरतों पर कविताएँ 1 धान रोपती स्त्री - विश्वनाथ प्रसाद तिवारी --------------------------------------...
-
1. माँ मुझे नहीं जाना स्कूल जंगल के रास्ते होते हैं सुनसान, युवा कवयित्री ज्योति साह माँ मुझे मत ले जा हाट-बाजार नहीं ...
No comments:
Post a Comment